जानिए कौन हैं सुपरकॉप राकेश मारिया, जिनकी ज़िंदगी पर फ़िल्म बना रहे हैं डायरेक्टर रोहित शेट्टी

B Editor

IPS Rakesh Maria: बॉलीवुड के मशहूर डायरेक्टर रोहित शेट्टी (Rohit Shetty) अपनी बेहतरीन एक्शन और कॉमेडी फ़िल्मों के लिए जाने जाते हैं. वो ख़ासकर अपनी फ़िल्मों में दिखाये जाने वाले रियल एक्शन के लिए मशहूर हैं. रोहित शेट्टी को पुलिस और पुलिसिया फ़िल्मों से बेहद लगाव है. यही वजह है कि वो जल्द ही पूर्व मुंबई पुलिस कमिश्नर और आईपीएस अधिकारी राकेश मारिया (IPS Rakesh Maria) की ज़िंदगी पर फ़िल्म बनाने जा रहे हैं. रोहित शेट्टी इस फ़िल्म को ‘रिलायंस एंटरेटनमेंट’ के साथ मिलकर प्रोड्यूस करेंगे.

अब आप सोच रहे होंगे आख़िर राकेश मारिया (Rakesh Maria) हैं कौन और इन्होंने ऐसा क्या हासिल किया है जो रोहित शेट्टी जैसे बॉलीवुड डायरेक्टर उनकी ज़िंदगी पर फ़िल्म बनाने जा रहे हैं. चलिए आज आपको इस रियल लाइफ़ हीरो की उपलब्धियों के बारे में भी बता देते हैं. IPS Rakesh Maria.

रियल लाइफ़ हीरो हैं राकेश मारिया
दरअसल, रोहित शेट्टी का इस पूर्व आईपीएस की ज़िंदगी पर फ़िल्म बनाने का असल मकसद है राकेश मारिया की उपलब्धियां. आईपीएस अधिकारी राकेश मारिया (IPS Rakesh Maria) एक रियल लाइफ़ हीरो हैं जिन्होंने देश के कई बड़े मामलों को सुलझाया है और गुनहगारों को जेल की सलाखों के पीछे पहुंचाया है. अपनी साफ़-सुधरी छवि के लिए मशहूर मारिया मुंबई पुलिस के पूर्व कमिश्नर रह चुके हैं. इस दौरान उन्होंने कई बड़े केस सॉल्व किये थे, लेकिन अब रिटायर हो चुके हैं.

असल ज़िंदगी में कौन हैं राकेश मारिया?
राकेश मारिया (Rakesh Maria) का जन्म 19 जनवरी, 1957 को मुंबई के बांद्रा में हुआ था. मारिया ने मुंबई के ‘सेंट जेवियर्स कॉलेज’ से स्नातक किया है. उनके पिता विजय मारिया फ़िल्म इंडस्ट्री में एक जाना-पहचाना नाम और ‘कला निकेतन’ के संस्थापक भी थे. कला निकेतन बैनर के तहत उन्होंने ‘काजल’, ‘प्रीतम’, ‘नील कमल’ जैसी बॉलीवुड फ़िल्मों का निर्माण किया था. राकेश मारिया को बचपन से ही खेलकूद में दिलचस्पी थी. साल 1979 में ‘राष्ट्रीय खेलों’ में कराटे में अपने राज्य महाराष्ट्र का प्रतिनिधित्व भी किया था.

1891 बैच के IPS ऑफ़िसर हैं राकेश मारिया
राकेश मारिया (Rakesh Maria) साल 1981 बैच के आईपीएस अधिकारी (IPS Officer) हैं. बतौर सहायक पुलिस अधीक्षक उनकी पहली पोस्टिंग महाराष्ट्र के अकोला ज़िले में हुई थी. इसके बाद उनकी तैनाती बुलढाणा ज़िले में भी हुई थी. साल 1986 में उन्हें मुंबई स्थानांतरित कर दिया गया. इसके बाद साल 1993 में वो पुलिस उपायुक्त (यातायात) बने. इस दौरान राकेश मारिया ने 1993 बॉम्बे सीरियल धमाकों के मामले को सुलझाया था. इसके बाद वो मुंबई पुलिस के डीसीपी (क्राइम) और फिर तत्कालीन संयुक्त पुलिस आयुक्त (क्राइम) के पद पर नियुक्त हुए.

1993 मुंबई में संजय दत्त को किया था गिरफ़्तार
साल 1993 में बतौर मुंबई पुलिस उपायुक्त (यातायात) मुंबई बम धमाकों की जांच के दौरान बॉलीवुड अभिनेता संजय दत्त (Sanjay Dutt) का नाम आने के बाद राकेश मारिया ने ही संजू बाबा को मुंबई एयरपोर्ट से गिरफ़्तार किया था. संजय दत्त की ज़िंदगी पर बनी फ़िल्म ‘संजू’ में जो पुलिस अधिकारी संजय दत्त को जांच के दौरान थप्पड़ मारता है वो राकेश मारिया ही थे. हालांकि, संजय दत्त अब इस केस से बरी हो चुके हैं.

‘गेटवे ऑफ़ इंडिया’ और ‘जावेरी बाज़ार’ केस सुलझाया
साल 2003 के ‘गेटवे ऑफ़ इंडिया’ और ‘जावेरी बाज़ार डबल विस्फोट’ केस राकेश मारिया ने ही सॉल्व किया था. इस दौरान उन्होंने टैक्सियों के अंदर विस्फोटक उपकरण लगाने के आरोप में एक दंपति समेत 6 लोगों को गिरफ़्तार किया था. राकेश मारिया की जांच तब सफल साबित हुई जब गिरफ़्तार हुए अशरत अंसारी, हनीफ सैय्यद और उनकी पत्नी फहमीदा को अगस्त 2009 में मुंबई की एक विशेष पोटा अदालत ने दोषी ठहराया और मौत की सजा सुनाई. बाद में फ़रवरी 2012 में ‘बॉम्बे हाईकोर्ट’ ने मौत की सजा को बरकरार रखा.2008 के 26/11 मुंबई हमलों की जांच

आईपीएस अधिकारी राकेश मारिया (IPS Rakesh Maria) को साल 2008 में हुए 26/11 मुंबई हमलों की जांच की ज़िम्मेदारी दी गई. इस दौरान उन्होंने इस मामले में ज़िंदा पकड़े गए एकमात्र आतंकवादी अजमल कसाब से पूछताछ की और मामले की सफलतापूर्वक जांच की थी. इसके बाद साल 2012 में आरोपी अजमल कसाब को फांसी पर लटका दिया गया था. इसके अलावा राकेश मारिया ने ही ‘शीना बोरा केस’ की जांच भी की थी.

फ़िल्मी पर्दे पर पहले भी दिख चुके हैं मारिया
साल 1993 के बम धमाकों पर बनी अनुराग कश्यप की फ़िल्म ‘Black Friday’ में अभिनेता के. के. मेनन ने राकेश मारिया की भूमिका निभाई थी. राकेश मारिया तब मुंबई पुलिस उपायुक्त थे और इस केस के जांच प्रभारी भी थे. राम गोपाल वर्मा द्वारा निर्देशित ‘The Attacks of 26/11’ फ़िल्म में अभिनेता नाना पाटेकर ने भी राकेश मारिया की भूमिका निभाई थी. फ़िल्म में मारिया के किरदार को 2008 के मुंबई हमलों के दौरान एक वरिष्ठ अधिकारी के रूप में दिखाया गया था. इसके अलावा नीरज पांडे द्वारा निर्देशित फ़िल्म ‘A Wednesday’ में अनुपम खेर का किरदार भी राकेश मारिया से ही प्रेरित था.

राकेश मारिया (Rakesh Maria) 15 फ़रवरी, 2014 को मुंबई पुलिस के 38वें कमिश्नर बने थे. इस दौरान वो 8 सितंबर 2015 तक इस पद पर रहे. इसके बाद उन्हें होमगार्ड के महानिदेशक के तौर पर पदोन्नति मिली. राकेश मारिया 31 जनवरी, 2017 को 36 साल की सेवा के बाद सेवानिवृत्त हो गये. राकेश मारिया ने साल 2020 में अपनी पुलिसिया जर्नी पर Let Me Say it Now नाम की क़िताब भी लिखी थी थी, जो काफ़ी सुर्ख़ियों में आई थी.

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