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इन राशियों पर शुरू होने जा रही शनि की साढ़े साती, जानिये किसे होगा सबसे ज्‍यादा कष्‍ट

ज्योतिष शास्त्री बताते है कि शनि ग्रह की चाल सबसे धीमी होती है। जब यह किसी एक राशि में जाते हैं तो उससे दूसरी राशि में जाने में ढाई साल लगते है। शनि एक राशि में 30 साल बाद दुबारा आते है। ज्योतिषीचार्यो के मुताबिक एक बार फिर 30 साल बाद कुम्भ राशि में आ रहे है।

इस ग्रह परिवतर्न से किस राशि को मिलेगी मुक्ति या किस राशि पर शुरू होगी शनि की ढैय्या या साढ़े साती। 29 अप्रैल को शनि कुम्भ राशि में आकर मकर राशि की यात्रा को 30 वर्ष के लिए विश्राम देंगे।

आपने देखा होगा शनि की महादशा से सभी डरते है और डरे भी क्यों ना क्योंकि समय अवधि बहुत ज्यादा होती है और हानि भी बहुत होती है। शनि की महादशा 19 वर्षो तक चलती है।

वही जब शनि उच्च स्थान पर होते हैं, तो व्यक्ति को उच्च पद, सम्मान और पैसा मिलता है। तुला राशि के जातकों को इसका अधिक लाभ मिलता है। क्योंकि तुला में शनि उच्च स्थान पर होते हैं। शनि मकर और कुम्भ राशि के स्वामी है।

शनि के कुम्भ राशि में गोचर से कर्क और वृश्चिक राशि पर शनि की ढैय्या शुरू होगी। इस समय शनि की ढैय्या तुला और मिथुन राशि के जातकों पर चल रही है।

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बीते दो सालों से शनि मकर राशि में बैठे हुए थे। जिससे धनु मकर और कुम्भ राशि पर साढेसाती चल रही थी। लेकिन जल्द ही ग्रह परिवर्तनों से धनु राशि के जातकों को साढेसाती से मुक्ति मिलेगी। वही बात करे शनि के कुम्भ राशि में प्रवेश से अन्य राशियों पर प्रभाव की, तो इस ग्रह गोचर से मीन राशि पर शनि की साढ़ेसाती शुरू हो जायेगी। मकर राशि पर शनि का अंतिम चरण और कुम्भ राशि पर दूसरा चरण आरंभ हो जायेगा।

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