साउथ इंडस्ट्री के ये 5 सुपरस्टार रियल लाइफ में भगवान से कम नहीं हैं

B Editor

दोस्तों जैसा की हम सभी जानते हैं की साउथ इंडस्ट्री के स्टार अपनी जिंदगी काफी सरल तरीके से जीते हैं। यही वजह है कि इनको पूरे देश में काफ़ी पसंद किया जाता है। साथ ही साउथ इंडस्ट्री का चलन आज पूरे देश में बढ़ रहा है और दुनिया भर में इनके फैंस बढ़ते जा रहे हैं। आपको बता दें की साउथ इंडस्ट्री के ये 5 सुपर स्टार्स अपनी दरियादिली की लिए जाने जाते हैं।

आइए जानते हैं वो साउथ इंडस्ट्री के पांच सुपर स्टार्स के बारे में किसी ने हजारों की जिंदगियां संवारी तो किसी ने पूरे गांव को ही गोद ले लिया।

महेश बाबू
महेश बाबू साउथ फिल्म इंडस्ट्री के सबसे खूबसूरत एक्टर माने जाते हैं।वह एक से बढ़कर एक एक्शन फिल्मों में अपने एक्टिंग से इंडस्ट्री में अपना लोहा मनवा चुके हैं।

उनका दिल भी उनकी तरह बेहद खूबसूरत है। महेश बाबू ने तेलंगाना के एक गांव सिद्धपुरम और आंध्रप्रदेश के एक गांव बर्रीपालेम को गोद लिया हुआ है।

नागार्जुन
नागार्जुन का नाम साउथ फिल्म इंडस्ट्री के दमदार एक्टरों में शुमार है। नागार्जुन एक से बढ़कर एक हिट फिल्में दे चुके हैं। नागार्जुन ने भी ऐसा ही काम किया जब उन्होंने हैदराबाद वारंगल राजमार्ग पर स्थित उप्पल मेडीपल्ली इलाके में 1080 एकड़ के जंगल को गोद ले लिया और इस जंगल के विकास के लिए उन्होंने 2 करोड़ रुपए का दान भी दिया था।

विशाल
साउथ फिल्म इंडस्ट्री में अपनी फिल्मों से धमाल मचाने वाले विशाल की फिल्म आज पूरे भारत देश में देखी जाती है। विशाल का एक्शन जितना अच्छा है उतने ही वह दयालु भी हैं।

दरसल दिवंगत फिल्म अभिनेता पुनीत राजकुमार ने 1800 बच्चों को पढ़ाने का जिम्मा लिया था और हाल ही में उनकी मौत हो गई , ऐसे में विशाल ने इन 1800 बच्चों को एजुकेशन देने का निर्णय लिया है।

अल्लू अर्जुन
साल 2022 में अल्लू अर्जुन की आई फिल्म पुष्पा ने लाखों दिलों को छू लिया है। ऐसे में जहां स्टार्स अपने जन्म दिन पर बर्थडे पार्टी थ्रो करते हैं तो वहीं अल्लू अर्जुन अपना ज्यादा से ज्यादा वक्त मानसिक रूप से बीमार बच्चों के साथ बिताते हैं।

एक्टर के रूप में अपनी शुरुआत के तुरंत बाद हैट्रिक हासिल करने वाले अल्लू अर्जुन ने कृष्णाकांत पार्क में लिटिल एंजल्स स्कूल के स्कूली बच्चों के लिए आश्रय-आकृति द्वारा आयोजित बाल दिवस समारोह में भाग लिया था। उन्होंने मूक-बधिर बच्चों द्वारा प्रदर्शित सांस्कृतिक कार्यक्रमों को देखा। उन्होंने उन बच्चों की चित्रकला और नृत्य की क्षमताओं पर अपार प्रसन्नता भी व्यक्त की ।

पुनीत कुमार
पुनीत राजकुमार आज हमारे बीच मौजूद नहीं है। लेकिन पुनीत राजकुमार ने लगभग 1800 गरीब बच्चो को पढ़ाने का ज़िम्मा अपने नाम किया था। लेकिन, उन्होंने कभी भी अपने अच्छे कामों के बारे में किसी से चर्चा नहीं की।

जब पूरा देश पिछले साल कोविड संकट से जूझ रहा था, तब भी पुनीत राजकुमार ने कोविड -19 के खिलाफ लड़ाई में मदद करने के लिए कर्नाटक के मुख्यमंत्री राहत कोष में 50 लाख रुपये का योगदान किया था।

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