‘जीनत का जिस्म दिखा रहे थे’…जब देव आनंद ने ‘सत्यम शिवम सुंदरम’ को कहा था ‘गंदी फिल्म’

B Editor

बॉलीवुड इतिहास के सबसे महान कलाकारों में से एक रहे देवानंद आज किसी पहचान के मोहताज नहीं है.आपको बता दें कि देव आनंद ने अपने फिल्मी करियर में बहुत सारे हिट फिल्मों में काम किया है और उनके अभिनय को देखकर हर कोई उनका दीवाना है.आज देवानंद इस दुनिया में नहीं है लेकिन फिर भी उनका नाम सुनकर काफी लोग उन्हें जीवंत किरदार में उतार देते हैं.देवानंद ने फिल्म सत्यम शिवम सुंदरम को लेकर बड़ी बात कही थी.

राज कपूर ने 1973 में अपने कैरियर को नीचे गिरने से बचाया था और उनकी एक फिल्म रिलीज हुई थी जिसका नाम बॉबी था इस फिल्म में उनके बेटे ऋषि कपूर हीरो थे.इस फिल्म ने राज कपूर को 1970 में रिलीज हुई फिल्म मेरा नाम जोकर के फ्लॉप होने के बाद वित्तीय संकट से बाहर निकाल दिया था.

बॉबीफिल्मके बाद राज कपूर नेसत्यम शिवम सुंदरमफिल्म पर काम शुरू किया था, जिसमें लीड एक्टर के तौर पर शशि कपूर और एक्ट्रेस जीनत अमान को लिया गया था.

सन 1978 में रिलीज हुई सत्यम शिवम सुंदरम एकहिटफिल्म साबित हुई थी और उसे दर्शकों ने काफी प्यार किया था.हिट होने के साथ-साथ इस फिल्म को लेकर काफी सारेविवादभी खड़े हुए जिनकीवजहसेलोगोंका ध्यान इस फिल्म की ओर गया था.फिल्म के निर्माता के खिलाफ नैतिक पतन का मामला भी दर्ज करवाया गया था.इस फिल्म को लेकर देवानंद ने इसे ऐसोल्यूशन बताया था क्योंकि उसी समय देवानंद की प्रदेश फिल्म देश परदेश फिल्म रिलीज हुई थी जिसने उनके डूबते करियर को बचाया था.उन्होंने सत्यम शिवम सुंदरम के बारे में कहा कि “यह गंदी फिल्म है क्या आपने नोटिस किया कि कैमरा केवल जीनत की बॉडी पर ही फोकस रहा है.

सत्यम शिवम सुंदरम को लेकर मामला तब और अधिक बढ़ गया जब राज कपूर ने पब्लिशिंग हाउस पर केस कर दिया था जिसने इनतस्वीरोंको प्रकाशित किया.स्टूडियो आर के स्टूडियो में राज कपूर का एक इंटरव्यू करने वाले संघवी ने अपनी किताब में लिखा कि कपूर साहब ने फिल्म को दार्शनिक शब्दों में समझाया था.

उन्होंने बताया था कि “एक पत्थर लो,यह सिर्फ एक पत्थर ही है लेकिन अगर आप इस परधार्मिकनिशान बना देते हैं तो यह भगवान बन जाता है.इसलिए मायने रखता है कि आप चीजों को कैसे देखते हैं.आप एक सुंदर आवाज सुनते हैं लेकिन बाद में पता चलता है कि यह एक बदसूरत लड़की गा रही है.

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