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हिंदू धर्म के अनुसार शाम के पहले भोजन करना चाहिए, लेकिन इसका असली कारण कोई नहीं जानता। जानिए यहां इसका असली कारण

B Editor

भारत में कई धर्मों और जातियों के लोग साथ-साथ रहते हैं।प्रत्येक धर्म की अपनी परंपराएं और मान्यताएं होती हैं।इनमें से कुछ के धार्मिक महत्व के अलावा वैज्ञानिक और मनोवैज्ञानिक कारण भी हैं।अब जैन धर्म का ही उदाहरण लें।जैन धर्म की उत्पत्ति भारत में हुई।कुछ लोग इसे सनातन धर्म की एक शाखा भी मानते हैं।समय के साथ यह एक अलग धर्म के रूप में विकसित हुआ है।जैन धर्म में कई परंपराओं का पालन किया जाता है।उन्हीं में से एक है सूर्यास्त के बाद भोजन न करने की परंपरा।

न केवल जैन धर्म, बल्कि हिंदू धर्म के कुछ शास्त्र भी सूर्यास्त के बाद भोजन नहीं करने की सलाह देते हैं।जैन धर्म की इस परंपरा के पीछे दो मुख्य कारण हैं।पहला कारण धर्म से जुड़ा है, जबकि दूसरा कारण आयुर्वेद से जुड़ा है।
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