बिस्किट तो सभी खाते हैं लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि उन पर डिजाईन और छिद्र क्यों होता है? ज्यादातर लोगों को इसका कारण नहीं पता….

B Editor

आप सभी ने बिस्किट जरूर खाया होगा।बिस्किट हर किसी को पसंद होता है, चाहे बच्चा हो या बड़ा।बिस्कुट के भी कई स्वाद और स्वाद होते हैं।हर बिस्किट का डिजाइन भी अलग होता है।चाय के साथ बिस्कुट खाना लगभग हर घर में एक आम बात है।आपने देखा होगा कि कई बिस्कुटों में छिद्रित डिज़ाइन होता है।ज्यादातर बिस्किट खाने वाले इस डिजाइन को देखते हैं, लेकिन इसके पीछे का कारण नहीं जानते।आज हम उन्हें इसके पीछे का लॉजिक बताएंगे।

भाप पास करने के लिए छेद बनाए जाते हैं
बिस्किट बनाने की प्रक्रिया के दौरान सबसे पहले मैदा, चीनी और नमक को शीट में रोल किया जाता है।इन चादरों को फिर एक मशीन में रखा जाता है।जिससे आटे में छेद हो जाता है।इन छोटे-छोटे छिद्रों को बेटियाँ कहते हैं।बिस्किट बनाते समय इन छेदों के बिना बिस्कुट बेक करने में परेशानी होती है।बेकिंग के दौरान इन छिद्रों में हवा होती है, जो बिस्कुट को बुदबुदाने से रोकती है।

बिस्कुट पर छेद भी इस वजह से जरूरी है
बेकिंग प्रक्रिया के दौरान, जब ओवन में गरम किया जाता है, तो आटे में हवा के बुलबुले बनने लगते हैं।ये छेद तब बिस्कुट को वाष्पित करने में मदद करते हैं।ताकि इसे बिस्किट पर बनने वाले बुलबुले से बचाया जा सके।

गर्मी को दूर करने और तापमान को स्थिर रखने के लिए छेद बनाए जाते हैं
आपको बता दें, बिस्कुट में छेद बिना वजह नहीं बनते हैं।लेकिन इसके पीछे एक खास वजह है।इस प्रक्रिया में यह बहुत महत्वपूर्ण है कि छेद की स्थिति सही जगह के साथ-साथ समान दूरी पर हो।इससे बिस्कुट सख्त या नरम नहीं बनते हैं।बिस्किट में छेदों की संख्या भी सही मात्रा में होनी चाहिए तभी यह कुरकुरे और क्रिस्पी हो जाते हैं.ये छेद आमतौर पर बिस्किट से गर्मी को खत्म करने के लिए बनाए जाते हैं।अगर इन छेदों को वैज्ञानिक तरीके से नहीं बनाया गया तो बिस्किट का तापमान स्थिर नहीं रहेगा और वह फटने लगेगा और बिस्किट भी टूट जाएगा।

भारत में बिस्कुट व्यापार
भारत में बिस्कुट उद्योग का व्यापार बहुत बड़ा है और यह बहुत तेजी से बढ़ रहा है।आपको बता दें कि एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत में बिस्कुट उद्योग करीब 12.5 फीसदी की दर से बढ़ रहा है।वहीं, फिलहाल इसका कारोबार करीब 3 हजार करोड़ रुपये का है।

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