अब कार की पिछली सीट पर सीट बेल्ट नहीं लगाना जेब पर पड़ेगा भारी, जुर्माना हो रहा अनिवार्य

अब कार की पिछली सीट पर सीट बेल्ट नहीं लगाना जेब पर पड़ेगा भारी, जुर्माना हो रहा अनिवार्य

सरकार, व्हीकल मैन्युफैक्चरर्स के लिए पिछली सीट को लेकर भी सीट बेल्ट अलार्म प्रणाली (Seat Belt Alarm System) को अनिवार्य करने की योजना बना रही है. साथ ही अब पिछली सीट पर सीट बेल्ट न लगाने पर भी जुर्माना अनिवार्य होगा. यह बात केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी (Nitin Gadkari) ने कही है. वर्तमान में सभी व्हीकल मैन्युफैक्चरर्स के लिए केवल आगे की सीट पर बैठे यात्रियों के लिए सीट बेल्ट रिमाइंडर अनिवार्य है.

गडकरी ने बिजनेस स्टैंडर्ड के एक कार्यक्रम में कहा कि पालघर में रविवार को एक कार दुर्घटना में टाटा संस के पूर्व चेयरमैन साइरस मिस्त्री (Cyrus Mistry) के निधन के बाद हमने यह निर्णय लिया है कि पीछे की सीटों के लिए भी वाहनों में सीट बेल्ट अलार्म प्रणाली होनी चाहिए. मिस्त्री कार की पिछली सीट पर ही बैठे थे. जुर्माना मिनिमम 1000 रुपये

जुर्माना मिनिमम 1000 रुपये उन्होंने कहा कि पिछली सीट के लिए भी सीट बेल्ट पहनना अनिवार्य है लेकिन लोग इसका पालन नहीं करते हैं. अब फैसला किया गया है कि पीछे की सीटों के लिए भी वाहनों में सीट बेल्ट अलार्म प्रणाली होगी. अगर लोग पिछली सीट्स पर सीट बेल्ट नहीं पहनेंगे तो जुर्माना लगेगा. इस जुर्माने से लोगों के बीच जागरुकता बढ़ेगी. जुर्माना मिनिमम 1000 रुपये होगा. गडकरी ने यह भी कहा है कि सरकार 3-4 दिनों में रियर सीट्स के लिए सीट बेल्ट अलार्म सिस्टम अनिवार्य किए जाने को लेकर ड्राफ्ट नोटिफिकेशन जारी करेगी.

केंद्रीय मोटर वाहन नियम (CMVR) के नियम 138 (3) के तहत पिछली सीट पर सीट बेल्ट नहीं लगाने पर 1000 रुपये का जुर्माना है. हालांकि ज्यादातर लोग इस बात से अनभिज्ञ हैं कि यह नियम अनिवार्य है. यातायात पुलिसकर्मी भी पिछली सीट पर बैठे यात्रियों के सीट बेल्ट लगाने पर जुर्माना नहीं लगाते हैं. 8 सीटर व्हीकल्स में 6 एयरबैग हो सकते हैं अनिवार्य

इसके अलावा केंद्र सरकार वाहन कंपनियों के लिए अक्टूबर से 8 सीट वाले वाहनों में कम से कम 6 एयरबैग को अनिवार्य करने पर विचार कर रही है. गडकरी ने 8 सीट वाले वाहनों के लिए कम से कम 6 एयरबैग को अनिवार्य करने संबंधी सवाल पर कहा कि कोशिश तो है. यह कदम वाहनों में यात्रियों की सुरक्षा के लिहाज से उठाया जा रहा है. इससे पहले इसी साल सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने एक बयान में कहा था कि वाहन यात्रियों की सुरक्षा के लिए केंद्रीय मोटर वाहन नियम 1989 में संशोधन का फैसला किया गया है ताकि वाहनों में सुरक्षा को बढ़ाया जा सके.

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