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गायत्री मंत्र के इन पांच फायदों को जानकर आप भी रोजाना इस मंत्र का जाप करने लगेंगे।

गायत्री मंत्र कई अन्य मंत्रों की तुलना में अधिक प्रभावशाली माना जाता है। शास्त्रों में भी इस मंत्र को बहुत शक्तिशाली बताया गया है। इस मंत्र का जाप करने के लिए किसी विशेष समय की आवश्यकता नहीं होती है। हालांकि इस मंत्र का समय और नियम के अनुसार जप करना एक ऐसा मंत्र है जिसमें हर समस्या का निदान छिपा है। इस मंत्र के जाप से व्यक्ति को मन की शांति, जीवन में सुख की प्राप्ति होती है। यह सबसे अधिक लाभकारी मंत्र है। तो आइए जानते हैं गायत्री मंत्र के जाप का सही समय, अर्थ और लाभ।

पहली बार गायत्री मंत्र का जाप करें। गायत्री मंत्र का जाप प्रातः सूर्योदय से थोड़ा पहले करना चाहिए। गायत्री मंत्र का जाप दोपहर में भी किया जा सकता है। शाम को गायत्री मंत्र का जाप सूर्यास्त से कुछ समय पहले और सूर्यास्त के कुछ समय बाद करना चाहिए।

गायत्री मार्गदर्शन और अर्थ
गायत्री मार्गदर्शन: ओम भुरुभुवा: स्व: परिद्रोत्वरवण्यम भारगो देवस्य दुर्ही ध्यो यो: प्रद्योत।

गायत्री गाइड जापान के छात्रों के लिए एक बहुत ही अग्निशामक सुविधा है। इस मार्गदर्शन का जप करें और मन को प्रबुद्ध करें। वह गायत्री को प्रतिदिन जापान ले जाती है।

कृष्ण का मानना ​​है कि गायत्री मार्गदर्शन जप में जीवन के उत्साह और चरित्र को दर्शाता है। इस निर्देशित जप जीवन में सुख और समृद्धि काम कर रही है।

यदि कोई बहुत क्रोधित न हो तो गायत्री मार्ग दर्शन करने में बहुत उपयोगी होती है। यह गाइड मानसिक रूप से शांत जापिट का संग्रह है और व्यक्ति क्रोध से दूर एक शांत साइलेज है।

गायत्री मंत्र का नियमित जाप करने से सफलता प्राप्त की जा सकती है। यही मंत्र ही सफलता देता है। अगर आपके काम में रुकावटें आ रही हैं और सफलता नहीं मिल रही है तो गायत्री मंत्र का जाप करना फायदेमंद होता है।

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