वरुण धवन अब बने हैं ‘भेड़िया’…पर हिंदी सिनेमा में पहले भी दहशत फैलाते रहे हैं ये ‘क्रीचर’

B Editor

भारत में बनने वाली इस श्रेणी की फिल्मों को कभी हॉरर तो कभी थ्रिलर फिल्म ही माना गया, लेकिन क्रीचर शब्द का इस्तेमाल करके प्रचारित नहीं किया गया। इस लिहाज से वरुण धवन की भेड़िया पहली क्रीचर फिल्म नहीं है। इच्छाधारी नाग-नागिन की कहानियों पर फिल्म बनाना भारतीय सिनेमा में पुराना चलन रहा है। इस विषय पर बनी कुछ फिल्मों ने सफलता भी देखी। मिसाल के तौर पर नागिन, निगाहें और नगीना का नाम लिया जा सकता है।

अगर, पिछले कुछ सालों की बात करें तो इस जॉनर की सबसे ऑथेटिंक फिल्म क्रीचर 3डी है, जिसका निर्देशन विक्रम भट्ट ने किया था। 2014 में आयी इस फिल्म में पहली बार हॉरर के लिए एक काल्पनिक प्राणी का इस्तेमाल किया गया था, जिसे ब्रह्मराक्षस का नाम दिया गया। बिपाशा बसु ने फीमेल लीड रोल निभाया, जबकि पाकिस्तानी एक्टर इमरान अब्बास ने फिल्म से बॉलीवुड डेब्यू किया था।

कैप्टन
इसी साल रिलीज हुई तमिल साइ फाइ थ्रिलर फिल्म कैप्टन एक काल्पनिक प्राणी के इर्द-गिर्द घूमती है, जो एक प्रतिबंधित क्षेत्र में शिकार करता है। फिल्म में आर्य ने लीड रोल निभाया था। इस फिल्म के वीएफएक्स की खूब तारीफ हुई थी।

जुनून
भेड़िया से मिलती-जुलती कहानी पर 1992 में महेश भट्ट ने जुनून बनायी थी। इस फिल्म की कहानी रॉबिन भट्ट ने लिखी थी, जबकि राहुल रॉय, पूजा भट्ट और अविनाश वधावन ने लीड रोल्स निभाये थे। जुनून में राहुल का किरदार पूर्णिमा की रात को टाइगर बनकर लोगों का शिकार करता है। इसके पीछे एक शाप होता है।

भेड़िया
भेड़िया में फिल्म में वरुण धवन का किरदार भेड़िया बनता है। भेड़िया ऐसी फिल्म है, जिसमें मेकर्स ने एक ऐसे विषय को दंतकथाओं से निकालकर पर्दे पर उतारने की कोशिश की है, जो भारतीय फिल्मों में कम देखा गया है- एक खास दिन इंसान का भेड़िया में बदल जाना।

यह क्रीचर कॉमेडी जॉनर की फिल्म है, जहां वरुण धवन का किरदार इंसान से भेड़िया बनता हुआ दिखाया गया है। फिल्म में कृति सेनन फीमेल लीड में हैं। उनका किरदार डॉक्टर का है, जो वरुण को इस बीमारी से छुटकारा दिलाने में जुटा है।

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